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References · सन्दर्भ

सन्दर्भ

इस अभिलेखागार के सभी स्रोत यहीं एक जगह दर्ज हैं — पूरा विवरण, वर्गीकरण, तथा जो पाठ उनसे अक्षरशः उतारा गया है। अन्य पृष्ठों पर प्रत्येक खण्ड के अन्त में केवल यह लिखा है कि वह खण्ड किस स्रोत पर खड़ा है; उसका पूरा लेखा-जोखा इस पृष्ठ पर मिलेगा।

दो सूचीबद्ध स्रोत

PUB-001
पुस्तिका, 1982 — विवरण का ढाँचा
MON-001
प्रतिमा-शिलालेख, 1984 — तिथियों पर निर्णायक

श्री मुल्तान सिंह वर्मा जी की संक्षिप्त जीवनी

MSV-ARCH-PUB-001
लेखक
ओम प्रकाश गांधी, भौ.वि. प्रवक्ता, गोचर कृषि इन्टर कॉलेज, रामपुर मनिहारान, ज़िला सहारनपुर
प्रकाशक
चौधरी प्रिंटिंग प्रैस, रामपुर मनिहारान, सहारनपुर
संस्करण
प्रथम सन् 1982, द्वितीय सन् 2023, तृतीय सन् 2024। प्राक्कथन पर दिनांक 15 मई 1982। उपलब्ध छायाचित्र किस संस्करण के हैं यह अभी निश्चित नहीं; तीनों के पाठ में अन्तर की जाँच शेष।
रचना-विधि
प्राक्कथन के अनुसार विवरण स्वयं मुल्तान सिंह वर्मा के “श्रीमुख से” सुनकर लिखा गया, तथा “यत्र-तत्र सुन-सुनाकर” प्राप्त तथ्य भी सम्मिलित हैं — अंशत: प्रत्यक्ष कथन, अंशत: संकलित सुनी-सुनाई बात, एक ही पाठ में मिली हुई।
लेखक की घोषणा
वे स्वयं इसे “तथ्यात्मक विसंगतियों से सर्वथा विहीन” नहीं मानते और उचित संशोधन अगले संस्करण में सम्मिलित करने की बात लिखते हैं।
वर्गीकरण
परवर्ती प्रकाशन (श्रेणी 3), विषय के जीवनकाल में तथा संस्था के भीतर से लिखा गया; आधार विषय-व्यक्ति का ही कथन होने से इस सीमा तक श्रेणी 2 का मूल्य भी। लेखक की नियुक्ति उसी वर्ष हुई जिस वर्ष वर्मा जी ने अवकाश लिया (1962)।
पाठ उतारा
पृष्ठ 2 (प्राक्कथन), 3 (मंगलाचरण) तथा 4–31
शेष
पृष्ठ 1 — शीर्षक तथा प्रकाशन-विवरण; स्पष्ट छायाचित्र अपेक्षित
आश्रित पृष्ठ
जीवन-वृत्त · कालक्रम · संस्थाएँ · ऐतिहासिक दावे

प्रतिमा तथा शिलालेख, गोचर महाविद्यालय परिसर

MSV-ARCH-MON-001
स्थान
गोचर महाविद्यालय, रामपुर मनिहारान (सहारनपुर) — भवन के सम्मुख, चबूतरे पर श्वेत प्रतिमा; तीन पट्टिकाएँ
अनावरण
2 अप्रैल 1984 — स्वामी कल्याण देव जी महाराज के कर-कमलों द्वारा, चौ. नारायण सिंह (भूतपूर्व उप-मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश) की अध्यक्षता में
वर्गीकरण
संस्थागत स्मारक-अभिलेख (श्रेणी 1) — पुस्तिका से पूर्णत: स्वतंत्र, निधन के पश्चात संस्था द्वारा उत्कीर्ण। जन्म तथा निधन की तिथि पर निर्णायक स्रोत: किसी भी विरोध में शिलालेख का पाठ अन्तिम माना जाता है।
पाठ उतारा
तीनों पट्टिकाएँ, 5 सितम्बर 2026 के निकट-छायाचित्रों से
छायाचित्र
अभिलेखागार पर चारों छायाचित्र

शिलालेख का पाठ · यथावत्

निचली पट्टिका

जन्म — मृत्यु
12 अगस्त सन् 1900 ई. | 16 जनवरी सन् 1983 ई.

मध्य पट्टिका

“यह प्रतिमा स्व. श्री मुलतान सिंह वर्मा की है। आपने 13 जून 1943 को गूजर विद्या प्रचारिणी सभा, मुजफ्फर नगर-सहारनपुर सर्किल की स्थापना की। 1 नवम्बर 1943 को रामपुर मनिहारान में एक छोटा सा स्कूल खोला, जिसको इन्टर कालेज के प्रधानाचार्य के रूप में रिटायर होने से पूर्व आपने डिग्री स्तर तक पहुँचा दिया। जब तक यह संस्था रहेगी, आपका नाम अमर रहेगा।”

ऊपरी पट्टिका

“इस प्रतिमा का अनावरण ‘पदम श्री’ वीतराग संन्यासी स्वामी कल्याण देव जी महाराज के कर-कमलों द्वारा माननीय चौ. नारायण सिंह (भू.पू. उप-मुख्यमंत्री, उ.प्र.) की अध्यक्षता में दिनांक 2 अप्रैल, 1984 को सम्पन्न हुआ।”

मध्य पट्टिका 13 जून 1943 तथा 1 नवम्बर 1943 दोनों तिथियाँ पुस्तिका से स्वतंत्र रूप से दोहराती है — इस अभिलेखागार में यह एकमात्र स्थान है जहाँ दो स्रोत एक ही तिथि पर मिलते हैं।

असंगति-सूची

स्रोतों के भीतर तथा उनके बीच के वे अन्तर जो यहाँ चुपचाप सुधारे नहीं गए। प्रत्येक के आगे लिखा है कि इस संग्रह ने क्या किया।

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प्रक्रियाधीन स्रोत

प्रत्येक वर्ग के सामने वह कथन है जिसे वह सिद्ध अथवा खण्डित कर सकता है। कोई भी वर्ग सूचीबद्ध होते ही सम्बन्धित पृष्ठों की स्रोत-पंक्ति बदल दी जाएगी।

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इनमें से कुछ भी उपलब्ध हो — अथवा कोई ऐसा विवरण जो यहाँ लिखी बात से भिन्न कहता है — तो vinayverma5@gmail.com पर भेजा जा सकता है। परिवर्तन चुपचाप नहीं किए जाते; कारण इसी पृष्ठ पर दर्ज होता है।